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राजस्थान - सिंचाई परियोजना

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राजस्थान की सिचाई परियोजनाऐं परिभाषा वर्षा के अभाव में भूमि को कृत्रिम तरीके से जल पीलाने की क्रिया को सिंचाई करना कहा जाता है। सिंचाई आधारभूत संरचना का अंग है। योजनाबद्ध विकास के 60 वर्षो के बाद भी राजस्थान आधारभूत संरचना की दृष्टि से भारत के अन्य राज्यों के मुकाबले पिछड़ा हुआ है। राज्य में कृषि योग्य भूमि का 2/3 भाग वर्षा पर निर्भर करता है। शुष्क खेती वर्षा आधारित क्षेत्रों में भूमि की नमी को संरक्षित रखकर की जाने वाली खेती को शुष्क खेती कहते हैं। भारत में नहरों की कुल लम्बाई विश्व में सबसे अधिक है। सिंचित क्षेत्र भी सबसे अधिक है। परन्तु हमारी आवश्यकताओं से कम है। राजस्थान के कुल सिचित क्षेत्र का सबसे अधिक भाग श्री गंगानगर एवं सबसे कम भाग राजसमंद जिले में मिलता है। कुल कृषि क्षेत्र के सर्वाधिक भाग पर सिंचाई श्रीगंगानगर जिले में तथा सबसे कम चूरू जिले में मिलता है। राजस्थान कृषि प्रधान राज्य है। यहां के अधिकांश लोग जीवन - स्तर के लिए कृषि पर निर्भर है। कृषि विकास सिंचाई पर निर्भर करता है। राजस्थान के पश्चिमी भाग में मरूस्थल है। मानसून की अनिश्चितता के कारण ‘ कृषि मानसून...

राजस्थान - प्रतीक चिह्न

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राजस्थान के प्रतीक चिन्ह  राज्य वृक्ष - खेजड़ी "रेगिस्तान का गौरव" अथवा "थार का कल्पवृक्ष" जिसका वैज्ञानिक नाम "प्रोसेसिप-सिनेरेरिया" है। इसको 1983 में राज्य वृक्ष घोषित किया गया। खेजड़ी के वृक्ष सर्वाधिक शेखावटी क्षेत्र में देखे जा सकते है तथा नागौर जिले सर्वाधिक है। इस वृक्ष की पुजा विजयाशमी/दशहरे पर की जाती है। खेजड़ी के वृक्ष के निचे गोगाजी व झुंझार बाबा का मंदिर/थान बना होता है। खेजड़ी को पंजाबी व हरियाणावी में जांटी व तमिल भाषा में पेयमेय कन्नड़ भाषा में बन्ना-बन्नी, सिंधी भाषा में - धोकड़ा व बिश्नोई सम्प्रदाय के लोग 'शमी' के नाम से जानते है। स्थानीय भाषा में सीमलो कहते हैं। खेजडी की हरी फली-सांगरी, सुखी फली- खोखा, व पत्तियों से बना चारा लुंग/लुम कहलाता है। खेजड़ी के वृक्ष को सेलेस्ट्रेना(कीड़ा) व ग्लाइकोट्रमा(कवक) नामक दो किड़े नुकसान पहुँचाते है। वैज्ञानिकों ने खेजड़ी के वृक्ष की कुल आयु 5000 वर्ष मानी है। राजस्थान में खेजड़ी के 1000 वर्ष पुराने 2 वृक्ष मिले है।(मांगलियावास गाँव, अजमेर में) पाण्डुओं ने ...

राजस्थान - सामान्य परिचय

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राजस्थान का सामान्य परिचय राजस्थान का कुल क्षेत्रफल 3,42,239 वर्गकि.मी. है। जो कि देश का 10.41प्रतिशत है और क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का देश में प्रथम स्थानहै। 1 नवम्बर 2000 को मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ का गठन हुआ और उसी दिन से राजस्थान देश का प्रथम राज्य बना। 2011 में राजस्थान की कुल जनसंख्या 6,86,21,012 थी जो की देश की जनसंख्या का 5.67 प्रतिशत है। राजस्थान की स्थिति, विस्तार, आकृति, एवं भौतिक स्वरूप भुमध्य रेखा के सापेक्ष राजस्थान उतरी गोलाद्र्व में स्थित है। ग्रीन वीच रेखा के सापेक्ष राजस्थान पुर्वी गोलाद्र्व में स्थित है। ग्रीन वीच व भुमध्य रेखा दोनों के सापेक्ष राजस्थान उतरी पूर्वी गोलाद्र्व में स्थित है। राजस्थान राज्य भारत के उत्तरी-पश्चिमी भाग में 23० 3' से 30० 12' उत्तरी अक्षांश (विस्तार 7० 9') तथा 69० 30' से 78० 17' पूर्वी देशान्तर (विस्तार 8० 47') के मध्य स्थित है। राजस्थान का क्षेत्रीय विस्तार 342239 वर्ग किलोमीटर है जो भारत के कुल क्षेत्र का 10.41 प्रतिशत है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह भारत का सबसे बड़ा राज्य (1 नवम्बर, 2000 को...

🌸🌲🌸श्रीमती इंदिरा गांधी--भारत की प्रथम प्रधानमंत्री🌸🌲🌸*

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 *विशेष पोस्ट*   * जन्मोत्सव-100वीं जयंती * *श्रीमती इंदिरा गांधी--भारत की प्रथम प्रधानमंत्री* *19/11/1917(2017)-31/10/1984*   *इंदिरा गांधी का संक्षिप्त जीवन परिचय*  *जन्म-*19 नवंबर  1917 *जन्म स्थान-*इलाहाबाद(उत्तर प्रदेश) *पिता का नाम-*पंडित जवाहरलाल नेहरू *माता का नाम-* कमला नेहरू *पितामह(दादा) का नाम-* मोतीलाल नेहरू *उपनाम-* प्रियदर्शनी,इंदु, गांधी, भारत की जॉन ऑफ आर्क *उपलब्धि-*भारत की प्रथम और एक मात्र महिला प्रधानमंत्री और तीसरी प्रधानमंत्री *भारत की प्रधानमंत्री रही-* कुल 4 बार( लगातार तीन बार ) *प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल-* 1966 से 1977 तक और 1980 से 1984 मृत्यु तक *रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा दिया गया नाम-*प्रियदर्शनी *गांधी उपनाम मिला-* फिरोज गांधी से विवाह के बाद *स्कूली शिक्षा पूर्ण की-* 1934-35 में *इंदिरा गांधी द्वारा  विद्यालय में किया गया अध्ययन-* ईकोले नौवेल्ले,   बेक्स,( स्विट्ज़रलैंड )इकोले इंटरनेशनल ,जिनेवा ,पुणे और मुंब...