आज का दिवस ( 5 नवंबर) विश्व सुनामी जागरूकता दिवस

🔮विश्व 🌊सुनामी जागरूकता दिवस: 05 नवंबर💢
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⭕पूरे विश्व में विश्व सुनामी जागरूकता दिवस 05 नवंबर 2017 को "रिड्यूस्ड द नंबर ऑफ़ अफेक्टेड पीपुल" विषय के साथ मनाया गया। यह दिवस सुनामी के बारे में जागरूकता के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।

🔻इतिहास:🔻

🌊पहला विश्व सुनामी जागरूकता दिवस 5 नवम्बर 2016 को पुरे विश्वभर में मनाया गया था। वर्ष 2016 के विश्व सुनामी जागरूकता दिवस का विषय था: "इफेक्टिव एजुकेशन एंड एवैकुएशन ड्रिल।" यह जागरूकता दिवस आपदा जोखिम न्यूनीकरण वर्ष 2016 के एशियाई मंत्रिस्तरीय सम्मेलन तथा संयुक्त राष्ट्र के आपदा जोखिम न्यूनीकरण के आपसी सहयोग (UNISDR) से नई दिल्ली में आयोजित किया गया।

🌊एशियाई मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (UNISDR) के अनुसार, इस दिन के महत्व को समझने के लिए साल 1854 के उदाहरण को समझना बहुत जरूरी है। जापान में रहने वाले वाकायामा 5 नवंबर को एक प्रान्त में आए उच्च तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी को लेकर काफी चिंतित थे। उन्होंने पहाड़ी की चोटी पर जाकर चावलों के ढ़ेर में आग लगा दी थी। जब ग्रामीणो ने इस चावल के ढ़ेर में लगी आग को देखा तो लोग उसे बुझाने के लिए पहाड़ी पर चढ़ गए।

🌊उनके पहाड़ी पर चढ़ने के बाद नीचे गांव में तेज सुनामी की लहरे आई जिन्होंने पूरी तरह गांव को नष्ट कर दिया था। यह सुनामी पूर्व चेतावनी का पहला दस्तावेज उदाहरण था। जिस दिन चावलों के ढ़ेर में आग लगाई गई थी विशेषज्ञों ने उसी 5 नवंबर को सुनामी जागरूकता दिवस मनाने का फैसला किया है।

🌊क्या है सुनामी?🌊

🌊समुद्री तूफान – को जापानी भाषा में सुनामी बोलते हैं, यानी बन्दरगाह के निकट की लहर। ये बहुत लम्बी – यानी सैकड़ों किलोमीटर चौड़ाई वाली लहरें होती हैं, लहरों के निचले हिस्सों के बीच का फासला सैकड़ों किलोमीटर का होता है।

🌊जब ये तट के पास आती हैं, तो लहरों का निचला हिस्सा ज़मीन को छूने लगता है तो इनकी गति कम हो जाती है और ऊँचाई बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में जब ये तट से टक्कर मारती हैं तो तबाही होती है।

🌊इनकी गति 420 किलोमीटर प्रति घण्टा तक और ऊँचाई 10 से 18 मीटर तक हो सकती है। अक्सर समुद्री भूकम्पों की वजह से ये तूफान पैदा होते हैं। प्रशान्त महासागर में बहुत आम हैं, पर बंगाल की खाड़ी, हिन्द महासागर व अरब सागर में नहीं। इसीलिए शायद भारतीय भाषाओं में इनके लिए विशिष्ट नाम नहीं है।

🌊सुनामी लहरों के पीछे वैसे तो कई कारण होते हैं लेकिन सबसे ज्यादा असरदार कारण है भूकंप। इसके अलावा ज़मीन धंसने, ज्वालामुखी फटने, किसी तरह का विस्फोट होने और कभी-कभी उल्कापात के असर से भी सूनामी लहरें उठती हैं।

🌊सुनामी अग्रिम चेतावनी केंद्र:⭕

⭕भारत में भारतीय सुनामी अग्रिम चेतावनी केंद्र (आईटीईडब्ल्यूसी) वर्ष 2007 से काम कर रहा है। अब यह हैदराबाद स्थित भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) के जरिए पूरे हिंद महासागर क्षेत्र के लिए सुनामी वॉच प्रोवाइडर (आरटीडब्ल्यूपी) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा है।

⭕यह केंद्र हिंद महासागर क्षेत्र में आने वाले और सुनामी पैदा कर सकने में सक्षम भूकंपों का 10 मिनट के भीतर पता लगाने में सक्षम है और संबद्ध अधिकारियों को इसकी चेतावनी 20 मिनट में जारी कर देता है।

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